कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन पर
हमारा कोई वश नहीं होता है । जैसे हमारा जन्म किन परिस्थितियों में, किस देश में, किस माता पिता के द्वारा हुआ इसपर हमारा कोई वश नहीं
होता है । इसे पूर्व नियत कहा जा सकता है । परंतु हम क्या कार्य करेंगे क्या नहीं
करेंगे यह मेरे निर्णय के अधीन होता है । किसी एक व्यक्ति को जन्म अच्छे परिवारिक
परिवेश में नहीं हुआ परंतु वह सही कर्मों के चुनाव द्वारा उत्कृष्ठ सामाजिक
स्थितियों को पाता है । इसके विपरीत एक व्यक्ति का जन्म उत्कृष्ठ पारिवारिक परिवेश
में हुआ परंतु वह गलत कर्मों के चयन के फलस्वरूप अपने समस्त प्राप्त वैभव को खो
बैठता है । इसप्रकार नियतवाद और स्वतंत्रता का संतुलन पूर्णरूप से जीवन को व्यवहृत
करने के ऊपर निर्भर करता है । सही चयन द्वारा जीवन यापन करने पर नियतवाद को पूर्ण
नियंत्रित किया जा सकता है । अपनी स्वतंत्रता का सही प्रयोग ।
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